जल है तो कल है – आदर्श बालक मंदिर

आज आदर्श बालक मदिर मधील सर्व शिक्षकांनी पानी वाचावा, जीवन वाचवा या उपक्रमात सहभाग घेतला. पानी बचतीचे प्रबोधन करणे ही काळाची गरज आहे. सॉफ्टेक कंप्यूटर सेंटर इस्लामपुर यांनी ‘जल है तो कल है’ ही संकल्पना लोक सह्भागातुन सोशल मेडिया द्वारे जनते समोर आणण्याच़ा प्रयत्न केला आहे.
लेखक कुलदीप वाशिष्ठ यांची एका सुन्दर कविता …
जल है तो जहान है, जल संरक्षण महान है I जरुर वाचावी…..
जल ही जीवन का आधार है।
जल ही प्रकृति का सार है
बिन जल ये समस्त चराचर, कल्पना से बाहर है
जल ही तो धरती की शान है।
जल है तो जहान है, जल संरक्षण महान है I
प्रभु ने जल बनाके, दिया जीवन का संदेश
पैदा किए समस्त जीव जन्तु,
खुद भी लिया मानव का भेष
सागर और नदी बनाए, जल सजाने को
घोर पाप बतलाया, व्यर्थ जल बहाने को
कहती यही गीता और कुरान है
जल है तो जहान है, जल संरक्षण महान है I
जल से जीवन चलता, जल से ही बनता खून है
खुद रहीम ने कह डाला, बिन पानी सब सून है
जल के उपयोगार्थ सब विदित है, ग्रंथो ने दिया यही सन्देश
धरा मे जल भंडार सीमित है, फिर जल बिन सब शमसान है
जल है तो जहान है, जल संरक्षण महान है I
जीवन का ऐसा कोई काज नही,
जहाँ पर जल का राज नही
जल से गाडी घोडे चलते, जल से ही होती हरियाली
जितना हो सके जल बचाओ,
ताकि पीढी जिये आने वाली
जल बिन खत्म सब नामोनिशान है,
जल है तो जहान है, जल संरक्षण महान है I
अगर बचाना पृथ्वी और आकाश है, तो जल बचाओ
कहता यही विज्ञान है
पुण्य आत्मा वही धरा पर, यही वेदों का ज्ञान है
जल बिन खतरे से हम अन्जान हैं
जल है तो जहान है, जल संरक्षण महान है I
जल है तो कल है, जल ही सकल है
जल से सरकारें पलटती, होता विकास का आगाज
जल की ताकत अतुलनीय है, जल ही जीवन का ताज
जल बिन कोख धरती की बेजान है
जल है तो जहान है, जल संरक्षण महान है I
लेखक
कुलदीप वशिष्ठ

date :- १८/३/२०१६ आदर्श बालक मंदिर – शिक्षक

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